Ropeway in Rajasthan राजस्थान में स्थित रोपवे

Ropeway in Rajasthan राजस्थान में स्थित रोपवे हवा में तार के रास्ते बनाया गया एक पहाड़ी से दूसरे पहाड़ी को जोड़ने वाला रास्ता रोपवे कहलाता है । राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने और धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए रोपवे संचालित किए गए हैं । रोपवे की सहायता से पहाड़ी क्षेत्र में आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने में आसानी होती है । राजस्थान में वर्तमान में सात रोपवे संचालित है और भविष्य में कई रोपवे प्रस्तावित भी है ।

Ropeway in Rajasthan

सुंधा माता रोपवे, भीनमाल जालौर

सुंधा माता रोपवे भीनमाल सुंधा पर्वत पर चामुंडा देवी का प्रसिद्ध मंदिर है । जहां पर राजस्थान का प्रथम रोपवे 20 दिसंबर 2006 को प्रारंभ किया गया । इस रोपवे की लंबाई लगभग 800 मीटर है । यह रोपवे राजस्थान के पर्यटन और धार्मिक स्थलों को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था ।

Manshapurn Karni Mata Ropeway

मंशापूर्ण करणी माता रोपवे राजस्थान का दूसरा रोपवे है । इसकी लंबाई लगभग 387 मीटर है । राजस्थान में यह पिछोला झील के किनारे पर स्थित है । उदयपुर की प्रसिद्ध करणी माता मंदिर पर पहुंचने के लिए बनाया गया है । इस रोपवे से पिछोला झील, सिटी पैलेस, जग मंदिर और आसपास की अरावली पहाड़ी का शानदार दृश्य दिखाई देता है ।

सावित्री माता रोपवे, पुष्कर अजमेर

Ropeway in Rajasthan सावित्री माता रोपवे पुष्कर अजमेर ब्रह्मा जी के मंदिर के पास स्थित सावित्री माता मंदिर पर पहुंचने के लिए बनाया गया था । जो एक रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित है । यह राजस्थान का तीसरा रोपवे है, इस रोपवे की लंबाई लगभग 700 मीटर है । पुष्कर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों को पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक आसानी से पहुंचने के लिए इस रोपवे का निर्माण किया गया है ।

Samod Veer Hanuman Ropeway

सामोद वीर हनुमान मंदिर रोपवे चौमू जयपुर जिले से करीब 45 किलोमीटर दूर चौमु के पास स्थित समोद में अरावली की पहाड़ीयों में बसे वीर हनुमान धाम मंदिर पर लगा रोपवे है । इसकी लंबाई लगभग 400 मीटर है । सामोद वीर हनुमान मंदिर रोपवे भक्तों को 1050 सीढ़ियाँ चढ़ने की बजाय 5 मिनट में मंदिर तक पहुंचाने की सुविधा देता है ।

खोले के हनुमान मंदिर रोपवे जयपुर

खोल के हनुमान मंदिर रोपवे का निर्माण सितंबर 2023 में हुआ था । इसकी लंबाई लगभग 436 मीटर है । अन्नपूर्णा माता मंदिर से खोल के हनुमान मंदिर की पहाड़ी पर स्थित वैष्णो माता मंदिर, जयपुर तक पहुंचाने के लिए बनाया गया था । खोले के हनुमान मंदिर रोपवे राजस्थान का पहला स्वचालित (ऑटोमेटिक) रोपवे है । इस रोपवे की ऊंचाई 85 मीटर है ।

नीमच माता रोपवे उदयपुर

नीमच माता रोपवे का निर्माण 2024 में हुआ था । इसकी लंबाई लगभग 430 मीटर है । उदयपुर में धार्मिक स्थल को सुगम बनाने के उद्देश्य से इसका निर्माण किया गया है । मंदिर पहुंचने और लौटने पर रोपवे का अपर टर्मिनल स्थल पर 1 मिनट के लिए ठहराव होगा । इस ऊंचाई में पर्यटक शहर और झीलों के आकर्षक नजारा देख सकेंगे ।

जीण माता मंदिर रोपवे सीकर

जीण माता मंदिर रोपवे राजस्थान का सातवां रोपवे है । जिसका उद्घाटन 10 अप्रैल 2024 को हुआ था । यह रोपवे जीण माता मंदिर से काजल शिखर मंदिर, रेवासा सीकर तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है । इस रोपवे की लंबाई लगभग 500 मीटर है । यह जीण माता मंदिर में भक्तों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए शुरू किया गया है ।

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